जिद्दी कलम
उत्तरकाशी।
धनारी पट्टी के समस्त जनमानस के आह्वान पर 10 नवम्बर से 18 नवंबर तक आयोजित होने वाली श्रीराम कथा को लेकर बुधवार, 4 नवंबर को आयोजन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कथा के सफल संचालन एवं आयोजन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।
बैठक में क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोगों ने प्रतिभाग किया। आयोजन समिति के संयोजक एवं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सत्यपाल सिंह राणा ने अपने संबोधन में क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने पुराने इंटर कॉलेज की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यालय को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में परिवर्तित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे बैठक में ध्वनिमत से पारित किया गया।
वहीं सुंदर सिंह कुंडरा ने धनारी क्षेत्र के विकास की दौड़ में पिछड़े रहने तथा क्षेत्र की विषम परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने दूरसंचार की लचर व्यवस्था, आवागमन के लिए बसों का संचालन न होने तथा सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने इन समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।
आयोजन समिति के सदस्यों ने कहा कि धनारी पट्टी की मूलभूत समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। बैठक में इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों एवं शासन-प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से बात रखने पर सहमति बनी।
बैठक में आयोजन समिति के अध्यक्ष ने सभी उपस्थित गणमान्य लोगों का आभार व्यक्त किया तथा श्रीराम कथा में क्षेत्रवासियों से बढ़-चढ़कर सहयोग और भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा के आयोजन के साथ-साथ क्षेत्र की जनसमस्याओं के समाधान के लिए भी समिति सक्रिय भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।





