जिद्दी कलम
उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा के सफल संचालन और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय को प्रतिष्ठित पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क (गोल्ड) से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर 31 अक्टूबर 2026 को पुलिस लाइन ज्ञानसू में आयोजित रैतिक परेड समारोह में पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक/पीएसी उत्तराखंड श्री सुनील कुमार मीणा ने उन्हें मेडल अलंकृत कर सम्मानित किया।
एसपी कमलेश उपाध्याय के नेतृत्व में चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई गई। इस वर्ष यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में करीब 18.70 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। वहीं कांवड़ यात्रा के दौरान लगभग 60 हजार कांवड़िये गंगोत्री धाम पहुंचे, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 20 प्रतिशत अधिक हैं। श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही के बावजूद यात्रा व्यवस्थाओं को व्यवस्थित बनाए रखना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
महिला एवं बालिका सुरक्षा तथा सशक्तिकरण के लिए एसपी कमलेश उपाध्याय के नेतृत्व में जनपद में ‘जागृत नारी, सशक्त नारी’ थीम पर ‘अभया’ अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत अब तक 179 जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर करीब 19 हजार छात्राओं को जागरूक किया गया है। इसके अलावा 11 विद्यालयों की 1,730 छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है।
महिला पुलिस कर्मियों की सक्रिय भागीदारी से 40 बालिका विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को गोद लेकर छात्राओं के साथ नियमित संवाद स्थापित किया जा रहा है। वहीं, 30 विद्यालयों में ‘स्पीक अप बॉक्स’ लगाए गए हैं और करीब 5 हजार छात्राओं को हेल्पलाइन कार्ड वितरित किए गए हैं।
इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनकी समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
चारधाम एवं कांवड़ यात्रा के दौरान बेहतर पुलिस प्रबंधन और महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए इन प्रयासों के चलते एसपी कमलेश उपाध्याय को डीजीपी गोल्ड डिस्क सम्मान प्रदान किया गया है। यह सम्मान जनपद उत्तरकाशी पुलिस द्वारा यात्रा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को मिली पहचान के रूप में देखा जा रहा है।





