उत्तरकाशी। गंगोत्री से केदारताल ट्रेकिंग पर निकले आठ ट्रेकर्स भारी हिमपात और एवलांच (हिमस्खलन) के कारण करीब 4 हजार मीटर की ऊंचाई पर फंस गए हैं। ट्रेकर्स की तलाश में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और प्रशासन की टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। हालांकि, एक नवंबर तक लापता ट्रेकर्स का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र उत्तरकाशी की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, 30 अक्टूबर को शाम 6:39 बजे सोल सीकर ट्रैकिंग एजेंसी के संचालक ने सूचना दी थी कि गंगोत्री से केदारताल ट्रेकिंग के लिए एक दल रवाना हुआ था। वापसी के दौरान भारी हिमपात और एवलांच के कारण दल के आठ सदस्य लगभग 4,000 मीटर की ऊंचाई पर फंस गए, जबकि चार सदस्य सुरक्षित गंगोत्री लौट आए।
सूचना मिलने के बाद 30 अक्टूबर को ही गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक और संबंधित अधिकारियों को ट्रेकर्स के सुरक्षित रेस्क्यू के निर्देश दिए गए। 31 अक्टूबर की सुबह एनडीआरएफ उत्तरकाशी की 10 सदस्यीय टीम गंगोत्री के लिए रवाना हुई। वहीं, एसडीआरएफ की पांच सदस्यीय टीम ने भोजखरक तक सर्च अभियान चलाया, लेकिन ट्रेकर्स की लोकेशन नहीं मिल सकी।
इसके बाद जिला प्रशासन ने हेलीकॉप्टर के माध्यम से सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाने के लिए शासन से अनुरोध किया। युकाडा के हेलीकॉप्टर से ट्रेकर्स की संभावित लोकेशन पर हवाई रेकी भी की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। सेना से हर्षिल में हेलिपैड और अतिरिक्त हेलीपैड उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया गया।
एक नवंबर को फिर की गई हवाई रेकी
रेस्क्यू अभियान के तहत एक नवंबर को एनडीआरएफ की एमटीओआर टीम को खोज एवं बचाव के लिए रवाना किया गया। युकाडा के हेलीकॉप्टर से एसडीआरएफ के दो सदस्यों को हर्षिल हेलिपैड पर उतारा गया। इसके बाद हेलिपैड से सुरक्षित लौटे चार ट्रेकर्स में से एक सदस्य को साथ लेकर सर्च अभियान शुरू किया गया।
प्रशासनिक रिपोर्ट के मुताबिक, एक नवंबर को हेलीकॉप्टर से संभावित घटनास्थल की दो बार रेकी की गई, लेकिन इस दौरान न तो कोई ट्रेकर दिखाई दिया और न ही उनका कोई सामान नजर आया।
जिलाधिकारी और आपदा प्रबंधन अधिकारी आपातकालीन परिचालन केंद्र से पूरे अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। हर्षिल हेलिपैड पर गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक, पुलिस, सेना, मेडिकल टीम और राजस्व विभाग की टीम तैनात है।
फिलहाल आठों ट्रेकर्स की तलाश जारी है और रेस्क्यू टीमों की नजर संभावित लोकेशन पर बनी हुई है।





