विकासखंड डुण्डा की दूरस्थ ग्राम सभा पटुड़ी अब पर्यटन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने की ओर बढ़ रही है। प्रकृति की गोद में बसे इस गांव की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण, पहाड़ी संस्कृति और ग्रामीण जीवनशैली पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है। इसी संभावनाओं को सामने लाने के उद्देश्य से दून स्कूल के विद्यार्थियों ने ग्राम पटुड़ी में भ्रमण एवं ट्रेकिंग कार्यक्रम में भाग लिया।
गांव पहुंचने पर ग्रामवासियों ने ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा निभाते हुए विद्यार्थियों का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। ग्रामीणों ने विद्यार्थियों को क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय जीवन से परिचित कराया तथा सफल ट्रेकिंग की शुभकामनाएं दीं।
ट्रेकिंग और ग्राम भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने पटुड़ी के प्राकृतिक परिवेश को करीब से देखा। पहाड़ों की हरियाली, ग्रामीण परिवेश, स्थानीय जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत ने विद्यार्थियों को आकर्षित किया। इस दौरान उन्होंने गांव की भौगोलिक एवं प्राकृतिक विशेषताओं के साथ ही ग्रामीणों की दिनचर्या और स्थानीय परंपराओं को भी समझने का प्रयास किया।
कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि पटुड़ी जैसे दूरस्थ पहाड़ी गांवों में प्रकृति आधारित पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन और ट्रेकिंग पर्यटन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
ग्रामवासियों और कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने कहा कि यदि पटुड़ी को पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करना है तो प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं का विकास भी जरूरी है। विशेष रूप से सड़क संपर्क और मोबाइल नेटवर्क की सुविधा को लेकर सरकार एवं संबंधित विभागों के समक्ष मांग उठाई जानी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि बेहतर सड़क और संचार सुविधाएं मिलने से जहां स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी, वहीं पर्यटकों के लिए भी गांव तक पहुंचना और यहां ठहरना अधिक सुविधाजनक हो सकेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
ग्राम पटुड़ी में पर्यटन को केवल पर्यटकों की आवाजाही तक सीमित न रखते हुए स्थानीय संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और ग्रामीण समुदाय को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
आयोजकों का कहना है कि भविष्य में सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ग्राम पटुड़ी को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के प्रयास जारी रहेंगे। ग्रामीणों की सहभागिता के साथ ट्रेकिंग, प्रकृति भ्रमण और स्थानीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देकर गांव को ग्रामीण पर्यटन के संभावित केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्राम पंचायत पटूड़ी की प्रधान श्रीमती कमला देवी तथा ढुगलधार ग्राम पंचायत की प्रधान श्रीमती नीलम देवी सहित ग्राम पटुड़ी की नवनिर्वाचित वार्ड सदस्य श्रीमती प्रतिमा असवाल तथा चैन सिंह असवाल, बचन सिंह रावत, धर्मेंद्र बिष्ट, शिव सिंह चौहान, सुन्दर सिंह चौहान, भगवान सिंह बिष्ट, पवन सिंह बिष्ट आदि सहित कई गणमान्य ग्रामीणों ने सहभागिता की।
दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का संकेत है कि यदि स्थानीय समुदाय, शिक्षण संस्थान और प्रशासन मिलकर प्रयास करें तो पटुड़ी जैसे गांवों में ग्रामीण पर्यटन की नई संभावनाओं को साकार किया जा सकता है।





