बड़कोट। यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आई कीचड़ और फिसलन की तस्वीरों के बाद प्रशासन को सफाई देनी पड़ी है। प्रशासन का कहना है कि वायरल हो रही जानकारी मुख्य यात्रा मार्ग से संबंधित नहीं, बल्कि वैकल्पिक पैदल मार्ग की है, जिसका मानसून अवधि में यात्रियों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता।
हालांकि, इस पूरे मामले ने यात्रा मार्गों पर सूचना व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि वैकल्पिक मार्ग यात्रियों के लिए बंद है, तो श्रद्धालु उस मार्ग तक कैसे पहुंचे और उन्हें समय रहते इसकी जानकारी क्यों नहीं मिल सकी, यह सवाल महत्वपूर्ण है।
उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश कुमार तिवारी ने स्पष्ट किया है कि यमुनोत्री धाम की यात्रा निर्धारित मुख्य पैदल मार्ग से सुचारू रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित कीचड़ और फिसलन संबंधी खबरों को वैकल्पिक मार्ग से जुड़ा बताया है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल निर्धारित और अधिकृत यात्रा मार्ग का ही इस्तेमाल करें तथा बंद अथवा वैकल्पिक मार्गों पर जाने से बचें।
वहीं, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यह भी जरूरी है कि यात्रा मार्गों पर स्पष्ट संकेतक, सूचना बोर्ड और निगरानी व्यवस्था प्रभावी रहे, ताकि किसी यात्री को गलत या बंद मार्ग पर जाने की स्थिति का सामना न करना पड़े।
फिलहाल प्रशासन के अनुसार मुख्य पैदल मार्ग पर यात्रा सामान्य है, लेकिन वैकल्पिक मार्ग पर सामने आई स्थिति ने मानसून के दौरान यात्रा मार्गों की निगरानी और श्रद्धालुओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर चर्चा जरूर छेड़ दी है।


सोशल मीडिया पर प्रसारित यमुनोत्री धाम का यात्रा मार्ग वैकल्पिक रास्तो की तस्वीर




