जिद्दी कलम -उत्तरकाशी
चैन सिंह असवाल ,सम्पादक
जहाँ आज बेरोजगारी और पलायन मुख्य समस्या बनती नजर आ रहीं थी तो इसके लिए अब उत्तराखंड सरकार की महत्वकांक्षी योजना ‘‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0‘‘ का सफल संचालन उद्योग विभाग, जिला उद्योग केंद्र, उत्तरकाशी के द्वारा किया जा रहा है। योजना के माध्यम से विनिर्माण, सेवा क्षेत्र एवं विभिन्न व्यावसायिक उद्यमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजनान्तर्गत विनिर्माणक क्षेत्र में रू. 25 लाख एवं सेवा/व्यवसायिक क्षेत्र में रू. 10 लाख तक के उद्यम स्थापित किये जा सकते है। योजना का उद्देश्य पलायन रोकथाम के साथ-साथ जनपद का आर्थिक विकास तथा स्वरोजगार को प्रोत्साहन किया जाना है।
ऋण सुविधाःआवेदकों को अपना उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोजेक्ट लागत का 90 से 95 प्रतिशत तक ऋण बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।
सब्सिडी (अनुदान) राज्य सरकार द्वारा लाभार्थियों को प्रोजेक्ट लागत का 20 से 35 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जाता है। उक्त के अतिरिक्त सामाजिक बूस्टर/भौगोलिक बूस्टर/उत्पाद बूस्टर(ओडीओपी/ओडीटीपी/जीआई टैग) आदि बूस्टरों के अंतर्गत 5 प्रतिषत अतिरिक्त सब्सिडी का भी प्राविधान है।
विगत 5 वर्षों की उपलब्धियांः बीते 5 वर्षों में जिला उद्योग केंद्र ने जनपद में स्वरोजगार की दिशा मे उल्लेखनीय कार्य किया है, कुल 2475 लाभार्थियों को योजना से जोड़ा गया। इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से दुग्ध उत्पादन (गाय-भैंस पालन), मुर्गी पालन, ब्यूटी पार्लर, सामान्य सुविधा केन्द्र, पैथोलोजी लैब, फिटनेस सेंटर, ब्रिक्स मैन्युफैक्चरिंग, साहसिक टै्रकिंग इकाईयां, टेंट हाउस, वीडियोग्राफर, खाद्य प्रसंस्करण इकाई, डेन्टल क्लीनिक, ऑटोमोबाईल वर्कशॉप, किराना स्टोर, घोड़ा-खच्चर, बकरी व मुर्गी पालन, वाणिज्यिक वाहन और रेस्टोरेंट आदि व्यवसाय शामिल हैं।