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ना ग्लेशियर टूटा न फटा बादल फिर भी तबाह हुआ हर्षिल/धारली , खीर गंगा के उद्गम स्थल पहुंचे कर्नल कोठियाल की टीम

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जिद्दी कलम
उत्तरकाशी

विगत पांच अगस्त को उत्तरकाशीराली में आई भीषण जल प्रलय से सभी लोगों को झकझोर करके रख दिया था कई लोग इस आपदा में जिंदा दफन हो गए तो कई बेघर लेकिन सरकार ने कर्नल अजय कोठियाल को धरली को पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी देते हुए बेघर हुए लोगों की आंखों में आशा की किरण जरूर जगी होगी क्योंकि 2013 में केदारनाथ में आई भीषण आपदा से केदारनाथ को पुनर्निर्माण का नेतृत्व कर्नल अजय कोठियाल नें किया था और वहां अपने जिम्मेदारी पर खरे उतरते हुए केदारनाथ का पुनर्निर्माण करवाया था तो उस समय अजय कोठियाल उत्तरकाशी में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में प्रधानाचार्य पद पर सेवारत थे
कर्नल अजय कोठियाल नें पत्रकारों को जानकारी देते हुए अवगत कराया की सीमा जागरण मंच के विशेषज्ञ ट्रैक्टर्स का एक दल उत्तरकाशी हर्षिल घाटी से 12 उच्च पर्वतारोही एवं पर्यावरण संरक्षण तथा 6 पोटरों का एक दल 23 सितंबर को खीर गंगा के उद्गम स्थल पर पहुंची तथा इस अभियान का संचालन सीमा जागरण मंच एवं सिद्धि फाउंडेशन संस्था ने संयुक्त रूप से करते हुये 23 सितंबर को धराली से यात्रा शुरू की और 16 घंटे की लंबी यात्रा के बाद श्रीकंठ के आधार शिविर पहुंचा और खीर गंगा के ग्लेशियर स्रोत व उसकी अन्य सहायक नदियों, ग्लेशियर, मोरेन आदि का सर्वेक्षण करते हुए दिन धराली वापस पहुंचे।
कर्नल कोठियाल नें अनुसार 5 अगस्त की आपदा के बाद खीर गंगा स्रोत का क्षेत्र अध्ययन करने से टीम द्वारा एकत्रित जानकारी आपदा के बारे में स्पष्ट मिलने की उम्मीद है टीम ने धराली स्थित प्राचीन कल्प मंदिर का सर्वेक्षण भी किया इतिहास की माने तो कल्प केदार मंदिर की पहली तस्वीर 1865 में ब्रिटिश फोटोग्राफर सेमुअल बार्न ने ली थी फोटोग्राफर ने मंदिर को समतल जमीन पर खड़ा दिखाया है धारली में पहले भी आपदाएं आई है लेकिन हर बार मंदिर फिर से खड़ा हो जाता था इस बार भी हमें उम्मीद है कि प्राचीन मंदिर सुरक्षित रहेगा
कर्नल कोठियाल नें बताते हुए कहा कि खीर गंगा के जीरो पॉइंट तक जो यात्रा टीम के द्वारा की गई उसे यह विदित होता है कि यहां पर ना तो ग्लेशियर टूटने की कोई संभावना नजर आई और ना बादल फटने का कोई ऐसा ठोस प्रमाण अभी तक हमको दिखाई दिया लेकिन आने वाले समय में यहां पर भू वैज्ञानिक के पहुंचने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
धराली से खीर गंगा के उदगम स्थल तक पहुंचने में कैप्टन प्रकाश भट्ट, कैप्टन कुंवर सिंह शिवराज पवार, हवलदार रंजीत सिंह नेगी, डॉक्टर कुलदीप पवार,नायक संजय सिंह शुभम पवार भगत सिंह पवार मोहित, सुमित, रमेश दयाल,लोकेंद्र दयाल हंस रॉयल, मिलन रॉयल, सत्य रॉयल, और गजेंद्र सिंह आदि मौजूद थे

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Author: ziddikalam

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