जिद्दी कलम
उत्तरकाशी
विश्व शांति दिवस हर साल 21 सितंबर को मनाया जाता है। विश्व में शांति का संदेश देने वालेआध्यात्म गुरु प्रेम रावत के राज विद्या केंद्र जोशियाडाके प्रेमियों ने “शांति संभव है” के नारे लगाते हुए रैली निकाली और लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की।
जहाँ आज संपूर्ण विश्व में अशांति का माहौल बना हुआ है वही प्रेम रावत जी विश्व में शांति का संदेश देते नजर आते हैं चाहे वह मन की शांति हो या सामाजिक शांति क्योंकि मन की शांति से ही समाज में शांति का माहौल उत्पन्न होता है इस भागदौड़ की जिंदगी में कहीं ना कहीं आदमी मन की शान्ति को ढूंढता है लेकिन वास्तविकता तो यह है की शांति उसी के मन में हृदय में बसी होती है और हऱ आदमी उसको बाहर तलाशता है इसीलिए कबीर दास जी ने कहा है कि
कस्तूरी कुंडल बसे मृग ढूँढत वन माहि, ऐसे घट घट राम हैं दुनिया देखे नाँहि॥
विश्व शांति दिवस लोगों, समुदायों और राष्ट्रों के बीच शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। 1981 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा स्थापित, यह दिन अहिंसा और युद्धविराम का पालन करके संघर्ष समाप्त करने और मानवीय सहायता तक पहुँच के लिए मार्ग प्रशस्त करने का आह्वान करता है
विश्व शांति दिवस के अवसर पर राज विद्या केंद्र जोशियाडा के लोगो द्वारा निकाली गई जागरूकता रैली।
- ziddikalam
- September 21, 2025
- 4:30 pm
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