वर्तमान परिप्रेक्ष्य में देखे तो लगातार नशा युवाओ को अपनी आगोश में लेता हुआ नजर आ रहा है जहां युवाओं के कंधों पर देश का भविष्य टिका हुआ होता है वही आज नवयुवक नशे की गर्त में जाता नजर आ रहा है।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल एवं जिला जज/अध्यक्ष विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तरकाशी के निर्देशानुसार विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तरकाशी के तत्वाधान में लगातार विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन करवाता आ रहा है। बृहस्पतिवार को जनपद के नजदीक मतली मे एंजल अकेडमी में विधिक साक्षरता/ जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है
उक्त विधिक जागरूकता साक्षरता शिविर में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तरकाशी सचिन कुमार द्वारा उपसिथित छात्र/ छात्राओं व अन्य लोगो को नालसा (नशा पीडितों को विधिक सेवाएं एवं नशा उन्मूलन के लिए विधिक सेवाऐं) योजना, 2015 एवं नशीली दवाईयो के दुरूपयोग और नशीली दवाईयो के खतरे के उन्मूलन के विषय पर जागरूक करते हुए बताया गया कि नशीली दवाईयों का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योकि इससे हमारे स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव पड़ता है और व्यवितियों को विभिन्न प्रकार’ की बीमारी जैसे-खाँसी, गलाव फेफडे खराब होने की संभावना होती है, नशे के दुरूपयोग सेन केवल शारीरिक अपितु मानसिक स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव पड़ता ह जिससे नशे में लिप्त व्यकत अपराध की ओर अग्रसर होता है। कभी-कभमी नशे में लिप्त व्यवित की मृत्यु भीहो जाती है जिससे उसका पूरा परिवार प्रभावित होता है। इस समस्या के समाधान ‘हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है जिससे अधिक से अधिक लोगों को नशे कें दुष्रभाव से बचाया ‘जा ‘सकें। शिविर में उपरिथित बच्चों एंव आम जनमानस को नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलायी गयी। शिविर में उपरिथत आम जनमानस को बताया गया कि यदि कोई व्यकित नशे से ग्रस्त है तो उसे जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में लाया जा सकता है, जिसके लिए जिला चिकित्सालय में मनोचिकित्सक एवं अन्य चिकित्सक तैनात है। अगर कोई तम्बाकू, सिगरेट का सेवन कर रहा है तो वह जिला चिकित्सालय में स्वासथ्य सेवाऐं प्राप्त कर इस आदत स बच सकता है।
इसके साथ ही मेरे द्वारा यातायात क नियमों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी कि दुपहिया वाहन चलाते समय चालक व पीछे बैठने वाले को हैलमेंट का प्रयोग करना चाहिए और चौपहिया वाहन चलाते समय बैठे लोगों को सीट बेल्ट का आवश्यक रूप से प्रयोग करना चाहिए। वाहन में वाहन को चलाते समय आर.सी, प्रदूषण प्रमाण पत्र, बीमा प्रमाण पत्र, वाहन चालक ‘का ड्राईविंग लाइसेंस होना आवश्यक है। विद्यार्थियों व अन्य लोगों को यह जानकारी दी गयी कि 16 वर्ष की आयु पूरी होने पर असथायी लाइसेंस बनाया जाता है जिसमें बिना गैयर वाली गाडियां चलाई जा सकती है और 18 वर्ष की आयुके बाद सथायी लाईसेंस बनने पर गैयर वाली गाडियां चलाई जा सकती है। यह भी बताया गया कि यदि वाहन चलाते समय वाहन के कागज उपलब्न हो, निर्धारित आयुन होने पर गाडी चलाना, तेज गति में गाड़़ी चलाना, प्रैशर हॉर्न का प्रयोग करना, वाहन को नशे का सेवन करके चलाने पर आदि में मोटर ‘वाहन अधिनियम में विधिक कार्यवाहियां की जा सकती है जिसके अन्तर्गत कारावास एवं जुर्माने आदि से दण्डित किया जाता है। साथ ही मानव तस्करी, अनैतिक तस्करी मानव तस्करी (रोकथाम देखभाल और पुनर्वास)
