जिद्दी कलम
उत्तरकाशी
भगवान भोले की नगरी उत्तरकाशी में जहां इस सावन के महापर्व पर देश के हर कोने से भगवान शंकर के जयकारे के साथ शिव भक्त अपनी कावड़ लेकर अपना मनोरथ पूरा करते हैं वहीं जिला प्रशासन भी उनके सुख सुविधाओं का पूरा ध्यान रखे हुए हैं।
जनपद में चल रही कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों पर जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा कांवड़ यात्रियों एवं उनके वाहनों की सुरक्षा व आवाजाही पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कावड़ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा में कोई कमी न रहे तथा मार्ग पर यातायात, पेयजल, स्वास्थ्य एवं समस्त व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी जाएं।
जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार 06 अगस्त को यमुनोत्री, गंगोत्री एवं गोमुख जाने वाले कुल 8719 कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं ने यात्रा की। इसमें यमुनोत्री धाम में 836, गंगोत्री धाम में 7735 तथा गोमुख में 148 कावड़ यात्री पहुंचे। वहीं 30 जुलाई से 6 अगस्त तक कांवड़ यात्रियों की कुल संख्या 35189 दर्ज की गई है, जिसमें 33783 पुरुष, 1169 महिलाएं तथा 238 बच्चे शामिल हैं। वाहनों की आवाजाही के आंकड़ों के अनुसार 6 अगस्त को कुल 2006 वाहनों का आवागमन हुआ, जिनमें 115 बड़े वाहन, 256 छोटे वाहन और 1635 दुपहिया वाहन शामिल रहे। 30 जुलाई से अब तक कुल 8412 वाहन (433 बड़े, 1285 छोटे एवं 6694 दुपहिया) मार्ग से आवाजाही कर चुके हैं। गंगोत्री धाम के लिए दुपहिया वाहनों एवं श्रद्धालुओं की आवक सबसे अधिक बनी हुई है।
जिला प्रशासन ने सभी कावड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान यातायात और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र लगातार 24 घंटे कार्यरत है।
