उत्तरकाशी। विकासखंड डुंडा के खटूखाल गांव में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते दो महीनों में गुलदार से जुड़ी तीन घटनाएं सामने आने के बाद ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है। ताजा घटना 12 अक्टूबर की है, जब खेतों में काम कर रही एक महिला पर गुलदार ने हमला कर उसे घायल कर दिया। लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद ग्रामीणों को अब तक समस्या से स्थायी निजात मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
जानकारी के अनुसार, खटूखाल गांव में गुलदार के हमले की पहली घटना 7 अगस्त को हुई थी। उस दौरान खेतों में काम कर रही एक बालिका पर गुलदार ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। इसके बाद 14 अगस्त को बाइक से जा रहे एक युवक पर गुलदार ने झपटने की कोशिश की, जिसमें युवक चोटिल हो गया। वहीं, 12 अक्टूबर को एक बार फिर गुलदार ने खेतों में काम कर रही महिला पर हमला कर उसे घायल कर दिया। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता से लोगों का सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। जंगल में पशुओं पर हमले की घटनाओं के साथ अब खेतों में काम करने वाले ग्रामीणों और सड़कों पर आवाजाही करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अब कोई भी खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है।
लगातार हो रही घटनाओं के बीच वन विभाग की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए गुलदार के आतंक से निजात दिलाने तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
खटूखाल में लगातार हो रही घटनाओं ने वन विभाग और प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के मन में आशंका है कि कहीं किसी बड़ी घटना के बाद ही जिम्मेदार महकमे की नींद न टूटे। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए संबंधित विभाग क्या ठोस कदम उठाता है और क्षेत्र में गुलदार की दहशत से लोगों को कब राहत मिलती है।





