जिद्दी कलम
उत्तरकाशी। विकासखंड डुंडा में सोमवार को ग्राम प्रधानों ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर डुंडा ब्लॉक परिसर में एकत्रित होकर प्रदर्शन करते हुए सरकारी दफ्तरों में सांकेतिक तालाबंदी की। प्रधानों एवं प्रधान प्रतिनिधियों ने प्रशासन के माध्यम से मांगपत्र शासन को भेजते हुए चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को ओर तेज किया जाएगा।
प्रधानों की 10 सूत्रीय मांग-
1- ग्राम प्रधानों को न्यूनतम 20 हजार रूपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाय।
2- मनरेगा/ V-B-G RAM G योजना में श्रमिकों की उपस्थिति को पर्ण रूप से ऑफलाइन किया जाय तथा अकुशल श्रमिकों की न्यनतम मजदूरी प्रतिदिन 600 रुपए, व कृशल श्रमिक को मजदूरी प्रतिदिन 800 रूपए किया जाना न्यायोचित।
3- ग्राम पंचायतों के राज्यवित्त/केद्रीय वित की धनराशि को जनसंख्या व भौगोलिक क्षेत्रफल के अनसार बढ़ाया जाय।
5- पंचायतीराज एक्ट में पारित सभी 29 विभागों को अतिशीघ्र ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाय।
6-विधायक/सांसद निधि की तर्ज पर ग्राम प्रधान निधि की बजट में व्यवस्था की जाय ।
7- ग्राम पंचायतों में किसी भी विभाग द्वारा स्वीकृत 10लाख तक के कायों की कार्यदायी संस्था ग्राम पंचायत को बनाया जाय।
8- ग्राम प्रधानो का पंचायतों राज विभाग द्वारा स्वास्थ बीमा। जीवन बीमा करवाया जाय।जिससे ग्राम प्रधानों के परिवारों को स्रक्षित किया जा सके।
9- उत्तराखड प्रदेश की सभी ग्राम पचायतों मे प्रधानमत्री आवास प्लस सर्वे 2024की सूची में नाम होने के बाद भी आवास साफ्ट द्वारा जनरेट को गई प्राथमिकता सूचीं में नाम न होने पर जरूरत मंद ग्रामीण सूची में लाभाथियों में रोष व्याप्त है जिसका साफ्ट प्राथमिकता अतिशीघ्र प्रधानमत्री आवास लाभााथयो के नाम सम्मलित किये जाए।
10- 16वें वित्त में नइ गाइडलाइन के अनसार कि ग्राम पचायते टैक्स के रूप में प्रत्येक परिवार पर माासिक 100 रुपए की दर से ,वार्षिक 1200 रूपए प्रति परिवार पर टैक्स लगाकर ग्राम पंचायतों की आय मे वृद्धि कर, तथा टैक्स लागू ना हान पर प्रतिवर्ष ग्राम पचायतो के 16वें वित्त से 20%की धनराशि मे कटौती की जायगा, का आदेश प्राप्त हआ है। तथा इस आदेश में संशोधन कर ग्राम पचायतो को टेक्स लागू करने की बाध्यता से मुक्त किया जाए





