जिद्दी कलम
चैन सिंह असवाल
धर्म के साथ राजनीति और राजनीति के साथ आस्था को जोड़ना यह राजनेताओं की पुरानी समीकरण रही है लेकिन आस्था की आड़ में नेता अपने स्वार्थ को पूरा करते हुए जनता की आस्था के साथ खूब खिलवाड़ भी करते हैं यह बात उत्तरकाशी मे देखने को मिली है तांबाखानी टनल के दोनों तरफ कूड़े के ढ़ेर के पास बड़े-बड़े पोस्टरों में देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी के चित्र के साथ विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के चित्र अंकित थे जो कूड़े के ढ़ेर के पास सड़कों में पड़े हुए थे जिसकी खबर जिद्दी कलम ने 18 जनवरी को प्रमुखता से अपने पोर्र्ल पर दिखाई थी और खबर का संज्ञान लेते हुए शासन/ प्रशासन ने कूड़े के ढेर के पास पड़े हिंदू के आस्था के केंद्र श्री गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के लगे हुए बड़े-बड़े पोस्टरों को हटवा दिये ĺ
हिंदू की आस्था का केंद्र विश्व प्रसिद्ध श्री गगोत्री व श्री यमुनोत्री धाम है और इस तरह राजनितिक पार्टियों के द्वारा व्यक्तिगत स्वार्थ के लिये हिंदू की आस्था के साथ खिलवाड़ करना कितना उचित होगा यह तय तो जनता करेगी ĺ

