जिद्दी कलम | उत्तरकाशी
उत्तरकाशी जिले के डुंडा विकासखंड के पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं अष्टादश महापुराण समिति उत्तरकाशी के अध्यक्ष हरिसिंह राणा का गुरुवार शाम करीब 4 बजे एम्स ऋषिकेश में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से डुंडा सहित पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन को क्षेत्र के सामाजिक, धार्मिक और सार्वजनिक जीवन के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
वर्तमान ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार ने हरिसिंह राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि, “राणा जी के गोकुल धाम जाने से हमारे ब्लॉक के साथ-साथ पूरे जनपद को अपूरणीय क्षति हुई है। उनका सामाजिक जीवन और जनसेवा के प्रति समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।”
हरिसिंह राणा का सार्वजनिक एवं सामाजिक जीवन जनसेवा, ईमानदारी और समर्पण की मिसाल रहा। उन्होंने 19 नवंबर 1988 से 17 अक्टूबर 1995 तक डुंडा विकासखंड के ब्लॉक प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। क्षेत्रवासियों के बीच उनकी कार्यशैली और सरल व्यक्तित्व की आज भी चर्चा होती है।
राजनीतिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने के साथ ही राणा जी ने धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना के प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जनपद उत्तरकाशी में अष्टादश महापुराण समिति के गठन में उनकी प्रमुख भूमिका रही। समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
उनके प्रयासों से धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति मिली और युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध परंपराओं एवं संस्कृति से जोड़ने का प्रयास हुआ। यही कारण है कि उनके निधन से धनारी पट्टी सहित पूरे जनपद में शोक की भावना व्याप्त है।
26 सितंबर को होगा अंतिम संस्कार
हरिसिंह राणा का अंतिम संस्कार 26 सितंबर 2026 उत्तरकाशी के मोक्ष घाट, केदार घाट पर किया जाएगा। उनके निधन से क्षेत्र ने एक ऐसे जनप्रतिनिधि और सामाजिक व्यक्तित्व को खो दिया है, जिन्होंने अपने जीवन का लंबा समय जनसेवा और सामाजिक-धार्मिक कार्यों के लिए समर्पित किया।





