जिद्दी कलम
उत्तरकाशी
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची के शुद्धिकरण का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। दूसरे चरण में जारी नोटिसों पर नागरिकों से प्राप्त दावों, आपत्तियों और नियमानुसार सुनवाई करते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है। इस पूरी कवायद का उद्देश्य निर्वाचन नामावली को पूरी तरह त्रुटिरहित, समावेशी और निष्पक्ष बनाना है।
जिले के अंतर्गत आने वाली सभी तीनों विधानसभाओं के कुल 558 मतदान केंद्रों पर बीएलओ एवं निर्वाचन कार्मिक मुस्तैदी से डटे हुए हैं। इस विशेष अभियान के तहत जनपद में कुल 63717 नोटिसों के सापेक्ष 54933 मतदाताओं को नोटिस वितरित किए जा चुके हैं। जिनमें से पुरोला विधानसभा में 22426 नोटिसों के सापेक्ष वितरित किए गए 16969 नोटिसों में से 1732 नोटिसों की सुनवाई हो चुकी है। यमुनोत्री विधानसभा में 19641 नोटिसों के सापेक्ष वितरित किए गए 18041 नोटिसों में से 1091 नोटिसों की सुनवाई हो चुकी है। गंगोत्री विधानसभा में 21650 नोटिसों के सापेक्ष वितरित किए गए 19923 नोटिसों में से 477 नोटिसों की सुनवाई हो चुकी है। इस प्रकार कुल तीनों विधासभाओ में 3300 नोटिसों की सुनवाई हो चुकी है। संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा निर्धारित तिथियों पर नोटिसों की सुनवाई करते हुए प्रत्येक प्रकरण का निष्पक्ष एवं तथ्यों के आधार पर परीक्षण किया जा रहा है, ताकि पात्र मतदाताओं का नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित हो तथा अपात्र अथवा त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशांत आर्य ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि दावे एवं आपत्तियों के प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी मतदाता को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाए। साथ ही बीएलओ, सुपरवाइजर एवं निर्वाचन से जुड़े सभी कार्मिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मतदाताओं से समन्वय बनाए रखते हुए नोटिसों की समयबद्ध तामील, सुनवाई एवं निस्तारण की कार्रवाई पूर्ण करें।
जिला प्रशासन ने जनपद के सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें दावा अथवा आपत्ति के संबंध में कोई नोटिस प्राप्त हुआ है तो निर्धारित तिथि एवं समय पर संबंधित अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करें, जिससे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक एवं समयबद्ध रूप से संपन्न कराया जा सके
